आशाएँ, आशाएँ,
जीने की रीत सिखाएं !!
सुखा था दरिया,
मौसम की रवानी,
पानी का कतरा,
कहता कहानी,
बादल न माना,
उसने भी ठानी,
इतना वो बरसा,
पानी ही पानी !!
आशाएँ, आशाएँ,
सीने से सबको लगाए !!
-ABZH
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आशाएँ, आशाएँ,
जीने की रीत सिखाएं !!
सुखा था दरिया,
मौसम की रवानी,
पानी का कतरा,
कहता कहानी,
बादल न माना,
उसने भी ठानी,
इतना वो बरसा,
पानी ही पानी !!
आशाएँ, आशाएँ,
सीने से सबको लगाए !!
-ABZH