Meri Shayari 2.3

Posted: अप्रैल 17, 2011 in Uncategorized

1.
वो महफ़िल वो जहां छोड़ आए,अब तेरी इन गलियों में क्या रखा हैं !! -ABZH

2.
ऐसी हसरत तो कभी थी ही नहीं की आसमान मिले,
किसी दुसरे का दिल टूटे और मुझे मेरा जहान मिले !! -ABZH

3.
एक सन्देश भ्रष्टाचार के घर से : आजकल हमारे हिंदुस्तान की हालत कुछ यु हो गयी हैं: “बारिश का पानी अच्छा नहीं होता, फिल्टर क्यों नहीं लगाया भगवान ने?. ” और कुछ लोग चले हैं आसमान में फिल्टर लगाने🙂 -ABZH

4.
कि टुकड़े किसी के दिल के न होते,
जो प्यार, मुहब्बत, इश्क़ न होता,
फिर वफ़ा-बेवफा के किस्से न होते,
कोई दिल बेचारा छिपकर न रोता !! -ABZH

5.
और ये एक दिल बेचारा,
कुछ भी समझ न पाया,
कि जितनी बढ़ी बेकरारी,
उतना ही करार आया !! -ABZH

6.
कि बस थोड़े ही पल तो हम हम हैं रहते, बाकी बचा जो दीवाना कह लेना !! -ABZH

7.
जो सारे ठिकानों पर अपना नाम लिखा रखे हों वो तूफानों से कहते हैं बगावत न करे !! -ABZH

8.
आखिर शायर तो बनना ही था कि हाथों की इन लकीरों को कहीं एक जगह तो मात दे रहा हूँ !!
-ABZH

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