Main bhi afsar ban sakta hun

Posted: सितम्बर 29, 2011 in Uncategorized

क,का,कि,की इन हाथों से देखों मैं भी लिख सकता हूँ,
मास्टर जी की छड़ी जो दे दर्द वो मैं भी सह सकता हूँ,
मुझे अवसर देकर देखों सच मानो मैं भी पढ़ सकता हूँ,
थोड़ी मदद तुम्हारी हो तो मैं भी अफसर बन सकता हूँ !!

-ABZH
(उन बच्चों को समर्पित जो गरीबी रेखा के निचे जीवन निर्वाह करते हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं.)

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