Ye Duniya Kisi Ki Nahi Hain

Posted: सितम्बर 1, 2012 in Uncategorized

ये दुनिया किसी की नहीं हैं,
कि कोई सिकंदर यहाँ नहीं हैं,
कल आसमां तक गए जो फ़रिश्ते,
आज उनके ज़मीन पे निशां नहीं हैं !!

हम भरम में रहे जीत लेंगे,
हार कर भी मोहब्बत करेंगे,
सितारों की दुनिया हैं बाकी,
यूँ ज़मीन पर कब तक चलेंगे,
आजमाले हमें तू भी बादल,
तू भी बरसने के ढूंढे बहाने,
अब शिकायत नहीं हमे तुझसे,
तू भी अब रहने दे तेरे तराने !!

ये मुकम्मल जहां नहीं हैं,
कि कोई मुसलसल यहाँ नहीं हैं,
जो रिश्ते यहाँ बन न पाए,
वो आसमां में भी बनते नहीं हैं !!

जो फूल-पत्ते मुरझा गए हो,
वो काँटों से अब क्या डरेंगे,
जो शाखों से एक बार बिछड़े,
वो फिर शाखों से कैसे जुड़ेंगे,
परिंदों को रोके क्या तूफ़ान,
वो आसमान में उड़ते रहेंगे,
जहाँ हिम्मत हो, हौसला हो,
आशियाने तिनकों के भी बनेंगे !!

हर आदमी इन्सां नहीं हैं,
कि कोई भगवान यहाँ नहीं हैं,
यहाँ पग-पग पर ठोकर लगेगी,
ये ज़मीं हैं, ये आसमान नहीं हैं !!

-Chandra Tewary [ABZH]

टिप्पणियाँ
  1. Swati says:

    very nice Chandra ji…. sahi kaha aapne farishto ke bhi nishaan nhi bachte yaha to…boht khoob..!!

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