Tu Thahar Ja

Posted: दिसम्बर 3, 2012 in Uncategorized

तू ठहर जा, ओ बादल,
मेरी दुनिया तो खोने दे,
तू ठहर जा, ओ बादल,
अश्क मोती तो होने दे !!

तू मायने मेरी ज़िन्दगी के,
दिल कही और तलाश ले,
ये गम का समंदर तेरा हैं,
तू जा बुझा अपनी प्यास ले,
जब साँसों पर दाग सा हैं ,
भला कोई कैसा लिबास ले,
अगर जिंदा तुझे हैं रहना,
थोड़ी रुक कर तू साँस ले !!

तू ठहर जा, ओ बादल,
मुझे एक रात तो सोने दे,
तू ठहर जा, ओ बादल,
वो मुलाक़ात तो होने दे !!

वफाओं का ढलता मंज़र,
क्यों मुझसे दूर होता गया,
यूँ ही होकर क्यों मजबूर,
हर मोड़ पर मुड़ता गया,
मैं अपनी ही परछाइयों से,
क्यों बेवज़ह डरता गया,
सागर की लहरों की तरह,
क्यों बनता-बिगड़ता गया !!

तू ठहर जा, ओ बादल,
अभी पूरी बात तो होने दे,
तू ठहर जा, ओ बादल,
अभी मेरी मात तो होने दे !! -Chandra Tewary

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s